हरिद्वार से वृंदावन तक 400 किमी की कांवड़ यात्रा, संत प्रेमानंद महाराज के अभिषेक के लिए गंगाजल लेकर निकले युवा
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हरिद्वार से वृंदावन तक 400 किमी की कांवड़ यात्रा, संत प्रेमानंद महाराज के अभिषेक के लिए गंगाजल लेकर निकले युवा

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Youth set out on a 400-km Kanwar Yatra from Haridwar

गजरौला (अमरोहा)। Youth set out on a 400-km Kanwar Yatra from Haridwar, आस्था, श्रद्धा और भक्ति का अनूठा उदाहरण इससे बढ़कर क्या होगा कि युवाओं का एक दल हरिद्वार से पतित पावनी गंगा मैया का जल छह कलश में ले जाकर वृंदावन में संत श्रीप्रेमानंद महाराज का अभिषेक करेंगे। युवाओं की यह धार्मिक यात्रा 400 किलोमीटर लंबी है। जिसे तय करने में 41 दिन का समय लगेगा। युवाओं द्वारा किये जा रहे इस भक्तिपूर्ण प्रयास की चंहुओर प्रशंसा हो रही है।

बुलंदशहर के कस्बा स्याना स्थित बुगरासी अड्डा निवासी गौरव कश्यप अपने सहयोगी शिव कुमार और सौरभ के साथ हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर वृंदावन स्थित श्री हित राधा केली कुंज आश्रम में संत श्री प्रेमानंद महाराज का अभिषेक स्नान कराने के लिए पैदल कलश कांवड़ यात्रा पर निकले हैं।

उनकी यह धार्मिक यात्रा लगभग 400 किलोमीटर लंबी है, जिसे श्रद्धालु 41 दिनों में पूर्ण करेंगे। यात्रा की शुरुआत 1 जुलाई को हरिद्वार से हुई थी। यात्रा का मुख्य उद्देश्य समाज में सुख, शांति, समृद्धि एवं विश्व कल्याण की कामना करना है।

यात्रा के दौरान श्रद्धालु विभिन्न नगरों और कस्बों से होकर गुजर रहे हैं। इसी क्रम में बुधवार को कलश कांवड़ यात्रा तिगरी (गजरौला) पहुंची। जहां श्रद्धालुओं जागेश शर्मा ने यात्रियों का स्वागत कर उनके सफल एवं मंगलमय यात्रा की कामना की।

यात्रा पूर्ण होने पर श्रद्धालु वृंदावन पहुंचकर संत श्री प्रेमानंद महाराज को हरिद्वार से लाए गए पवित्र गंगाजल से विधि-विधानपूर्वक अभिषेक (स्नान) कराएंगे। श्रद्धालुओं का कहना है कि यह यात्रा केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक ही नहीं, बल्कि समाज में प्रेम, सद्भाव और आध्यात्मिक चेतना का संदेश देने का भी माध्यम है।

स्थानीय श्रद्धालुओं ने युवाओं के इस प्रयास की सराहना की है। गौरव कश्यप ने बताया कि वह 10 किमी दूरी तय करते हैं तथा 8 अगस्त को वृंदावन पहुंच जाएंगे। जहां 11 अगस्त को महाराज का जलाभिषेक करेंगे।